Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Jul, 2026 04:14 PM

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज हो चुकी हैं
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज हो चुकी हैं, लेकिन उम्मीदवार के नाम पर पार्टी अब तक अंतिम फैसला नहीं कर पाई है। सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, वहीं कांग्रेस ने प्रत्याशी की घोषणा को कुछ दिन और टाल दिया है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक बयान राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
शनिवार को दतिया में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह ने संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी मंथन हुआ।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का सबसे बड़ा प्रत्याशी उसका चुनाव चिन्ह 'पंजा' है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपना प्रत्याशी 11 या 13 जुलाई को नामांकन के साथ घोषित करेगी।
फिलहाल टिकट की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व पाठ्य पुस्तक निगम उपाध्यक्ष अवधेश नायक और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के पुत्र अंकित भारती या उनकी पत्नी के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। इसके अलावा कुछ अन्य नेताओं ने भी अपनी दावेदारी पेश की है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दिग्विजय सिंह के इस बयान को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और टिकट वितरण से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अपने संबोधन में जीतू पटवारी ने भाजपा और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने उनके 'एकल भोज' अभियान पर तंज कसते हुए कहा कि जनता अब दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर जवाब चाहती है।
अब सभी की नजर कांग्रेस की अगली घोषणा पर टिकी है। प्रत्याशी के नाम का ऐलान होते ही दतिया उपचुनाव की सियासी तस्वीर और स्पष्ट होगी, जबकि भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।