Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Jul, 2026 03:44 PM

मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेशभर में सातों मोर्चों के अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इंदौर नगर इकाई ने भी विस्तृत मंथन के बाद संभावित नामों का पैनल प्रदेश संगठन को भेज दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भाजपा संगठन एक साथ कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा कर सकता है। बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश के बाद संगठन के सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों में नई टीमों के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला स्तर पर भी नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि संगठन को आगामी राजनीतिक और चुनावी गतिविधियों के लिए पूरी तरह सक्रिय किया जा सके।
इंदौर में इस बार नियुक्तियों को लेकर सबसे अधिक चर्चा देखने को मिल रही है। संगठन के सामने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को साधने की चुनौती रही। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद संभावित नामों की सूची प्रदेश नेतृत्व को भेजी है।
सबसे अधिक उत्सुकता युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष पदों को लेकर बनी हुई है। इन तीनों मोर्चों के लिए कई मजबूत दावेदार सामने आए हैं। संगठन ने संभावित नामों पर विस्तृत चर्चा कर प्राथमिकता सूची तैयार की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंतिम सूची में कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल हो सकते हैं जिनकी अभी तक ज्यादा चर्चा नहीं रही।
युवा मोर्चा के लिए अक्षांशु तिवारी को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। उनके अलावा अमित पालीवाल, मयूरेश पिंगले, धीरज ठाकुर और रोहित चौधरी भी दौड़ में बताए जा रहे हैं। वहीं महिला मोर्चा में वृंदा गौड़, माधुरी जायसवाल और श्रेष्ठा जोशी के नाम चर्चा में हैं। अनुसूचित जाति मोर्चा के लिए भूपेंद्र चौहान के साथ सोनू अहिरवार और राजेश शिरोडकर के नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
संगठनात्मक नियुक्तियों के साथ-साथ सत्ता संगठन में भी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में इंदौर नगर निगम के 12 एल्डरमैन की नियुक्ति की जा सकती है। इसके बाद विभिन्न जिला स्तरीय समितियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इन नियुक्तियों में जनप्रतिनिधियों के सुझावों के साथ संगठन की प्राथमिकताओं को भी महत्व दिए जाने की संभावना है।
भाजपा के भीतर माना जा रहा है कि आगामी दिनों में होने वाली ये नियुक्तियां न केवल संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देंगी, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अब सभी की नजरें प्रदेश नेतृत्व के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।