Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Jun, 2026 12:57 PM

मध्य प्रदेश की सियासत में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विधानसभा के मानसून सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार में बड़े स्तर पर कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार के अंदरखाने चल रही समीक्षा और परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर कई मंत्रियों के विभाग बदलने या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सरकार में कामकाज और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी के बाद अब मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
सूत्रों की मानें तो इस संभावित फेरबदल में कुछ बड़े नामों को झटका लग सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल, विभागों की प्रगति और विवादों को इस बदलाव का आधार माना जा रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ मंत्री विजय शाह को लेकर है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई उनकी विवादित टिप्पणी के बाद वह लगातार विवादों में रहे हैं। इस मामले में संगठन और न्यायिक स्तर पर भी सवाल उठे, जिसके बाद उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
वहीं राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के विभागीय प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। समीक्षा रिपोर्ट में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने की चर्चाओं के बीच उनके पद पर भी संकट की बात कही जा रही है।इसके अलावा दिलीप अहिरवार, प्रतिमा बागरी और राधा सिंह जैसे नामों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व की बैठक के बाद ही साफ होगा।
माना जा रहा है कि यह फेरबदल सिर्फ चेहरों का बदलाव नहीं होगा, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार की नई रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। अब सभी की नजरें मानसून सत्र के बाद होने वाली बैठकों और संभावित फैसले पर टिकी हैं।