Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Jun, 2026 06:39 PM

छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार देर रात उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी मंत्रियों को रात 9 बजे अचानक मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) में तलब कर लिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार देर रात उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी मंत्रियों को रात 9 बजे अचानक मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) में तलब कर लिया। बिना पूर्व सूचना के मिले इस बुलावे ने राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलों को जन्म दे दिया। सूत्रों के अनुसार, कई मंत्री जो उस समय अपने-अपने जिलों में सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त थे, उन्हें तत्काल रायपुर पहुंचने के निर्देश दिए गए। सूचना मिलते ही कई मंत्रियों ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर राजधानी का रुख किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, लक्ष्मी राजवाड़े, दयाल दास बघेल, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन और श्याम बिहारी जायसवाल सहित अधिकांश मंत्री उपस्थित रहे।
ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा और आगामी रणनीति पर चर्चा
जानकारी के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा और आगामी ढाई साल की कार्ययोजना तय करना रहा। इसमें विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा मंत्रियों से उनके प्रभार वाले जिलों से जुड़े फीडबैक और सुझाव भी लिए गए। इसके अलावा सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विकास कार्यों की गति को और तेज करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।
फेरबदल की अटकलों पर सियासी गरमाहट
हाल के दिनों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं ने पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म कर रखा था। ऐसे में मुख्यमंत्री की इस अचानक बुलाई गई बैठक को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे। हालांकि सरकार की ओर से इसे केवल नियमित समीक्षा और संगठनात्मक बैठक बताया गया है।
सरकार का पक्ष: यह नियमित संगठनात्मक बैठक थी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह कोई असामान्य बैठक नहीं थी, बल्कि हर तीन महीने में होने वाली संगठनात्मक समीक्षा का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि बैठक में विकास कार्यों, स्थानीय मुद्दों और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
विपक्ष का हमला: “ढाई साल में सरकार फेल
वहीं विपक्ष ने इस बैठक को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सरकार ढाई साल में ही असफल साबित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार में संतुलन की कमी है और विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
देर रात तक रायपुर में मंत्रियों की आवाजाही
बताया जा रहा है कि कई मंत्री दिनभर अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में व्यस्त थे, लेकिन देर शाम अचानक आए निर्देशों के बाद उन्हें रायपुर पहुंचना पड़ा। मंत्री राजेश अग्रवाल सरगुजा से जबकि श्याम बिहारी जायसवाल एमसीबी जिले के कार्यक्रम को बीच में छोड़कर राजधानी पहुंचे।
राजनीतिक संदेश या नियमित बैठक?
हालांकि सरकार इसे नियमित समीक्षा बैठक बता रही है, लेकिन समय और परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि संभावित संगठनात्मक संकेतों के तौर पर भी देख रहे हैं।