पूर्व CM कमलनाथ और नकुलनाथ मेरे खिलाफ कर रहे बहुत बड़ी साजिश, दिग्गज नेता के बयान से सियासत गरमाई

Edited By Himansh sharma, Updated: 13 Jun, 2026 05:36 PM

mp politics heats up as mp claims kamal nath  nakul nath conspiring against him

जिले के चारगांव प्रहलाद में सामने आए जमीन विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है।

छिंदवाड़ा। जिले के चारगांव प्रहलाद में सामने आए जमीन विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। एक ओर कांग्रेस इस मामले को भू-माफियाओं और सत्ता संरक्षण से जोड़कर बीजेपी सांसद बंटी विवेक साहू पर गंभीर आरोप लगा रही है, तो वहीं सांसद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची जा रही राजनीतिक साजिश बताया है।

दरअसल, जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट वायरल हुए, जिनमें सांसद बंटी विवेक साहू पर आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए। मामले ने तूल पकड़ा तो कांग्रेस कार्यकर्ता रैली निकालकर कोतवाली थाने पहुंचे और ज्ञापन सौंपते हुए जिले में भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव तथा अनुसूचित जाति और आदिवासी परिवारों की जमीनों पर कथित कब्जों का मुद्दा उठाया।

कांग्रेस का आरोप है कि जिले में सत्ता से जुड़े तत्वों के संरक्षण में जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं और कमजोर वर्गों पर दबाव बनाकर उनकी जमीनें हड़पी जा रही हैं। पार्टी नेताओं ने मेघासिवनी के विवाद को इसका उदाहरण बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं सांसद बंटी विवेक साहू ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ लगातार उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सांसद का कहना है कि चारगांव प्रहलाद की घटना दो पक्षों के बीच का स्थानीय विवाद था, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर उनका नाम जोड़कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया।

साहू ने दावा किया कि घटना की जानकारी मिलने पर वे स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे थे और बाद में सोशल मीडिया पर उनके नाम का दुरुपयोग करने के आरोप में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था।

सांसद ने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है, जिससे उनके राजनीतिक विरोधियों को असहजता हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उन्हें बदनाम करने या झूठे आरोपों के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई तो वे कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।

फिलहाल जमीन विवाद का मामला पुलिस और प्रशासनिक जांच के दायरे में है, लेकिन जिस तरह यह मुद्दा कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में छिंदवाड़ा की राजनीति में यह विवाद और गर्मा सकता है।

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