दतिया जीत के बाद बदलने लगे कांग्रेस के समीकरण! मंच पर एक साथ दिखे दो कांग्रेसी दिग्गज

Edited By meena, Updated: 10 Aug, 2026 09:28 PM

meeting between nakul nath and jeetu in chhindwara sparks speculation

दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हाई जोश में हैं। इसी कड़ी में छिंदवाड़ा प्रदेश की सियासत का केंद्र बिंदू बन गया जब दो दिग्गज...

भोपाल : दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हाई जोश में हैं। इसी कड़ी में छिंदवाड़ा प्रदेश की सियासत का केंद्र बिंदू बन गया जब दो दिग्गज मंच पर एक साथ दिखे। इस मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एक साथ नजर आए हैं।

आगामी चंद महीनों बाद नगरीय निकाय चुनाव होना है। इसी को लेकर कांग्रेस ने दो दिवसीय संगठन, सृजन अभियान प्रशिक्षण शिविर शुरु किया है। यह पहली दफा है कि संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस छिंदवाड़ा से हुंकार भर रही है। आयोजित शिविर में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी शामिल हुए। इसी कार्यक्रम में पूर्व सांसद नकुलनाथ की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी। प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत पूर्व सांसद नकुलनाथ ने की है।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर दोनों नेता चर्चा करते नजर आए। हालांकि नकुलनाथ और जीतू पटवारी के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसका आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद हुई इस मुलाकात को कांग्रेस के भीतर चल रही संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। नकुलनाथ लंबे समय बाद किसी बड़े कांग्रेस नेता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए हैं। खास बात यह भी है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान नकुलनाथ प्रचार अभियान से दूर रहे थे। ऐसे में जीतू पटवारी के साथ उनकी मुलाकात को लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

दतिया जीत के कांग्रेस के भीतर बदल रहे सियासी समीकरण

दतिया उपचुनाव में मिली जीत ने कांग्रेस को लंबे समय बाद मध्यप्रदेश की सियासत में मनोवैज्ञानिक बढ़त दी है। अब पार्टी संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और 2028 की विधानसभा चुनावी लड़ाई के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुटी है। ऐसे समय में नकुलनाथ और जीतू पटवारी का एक मंच पर नजर आना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या कांग्रेस के भीतर नेताओं की दूरी कम हो रही है? क्या संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े नेताओं को फिर से सक्रिय किया जा रहा है? या फिर यह सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित मुलाकात है? ताजा तस्वीरों से नकुलनाथ की वापसी की अटकलें तेज हो गई है। 

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