Edited By meena, Updated: 20 Aug, 2026 06:55 PM

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस के पांच न्यायिक अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार दंतेवाड़ा परिवार न्यायालय के जज हरीश कुमार अवस्थी को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र...
रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह) : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस के पांच न्यायिक अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार दंतेवाड़ा परिवार न्यायालय के जज हरीश कुमार अवस्थी को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर पदस्थ किया गया है।
वहीं ममता पटेल को अंबिकापुर से द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर और ज्योति अग्रवाल को पेंड्रारोड से न्यायाधीश, राजनांदगांव नियुक्त किया गया है। नमिता मिंज भास्कर को धमतरी से तथा एन सिंह साहू को राजनांदगांव से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), दंतेवाड़ा पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा प्रोबेशन पर नियुक्त 56 नए सिविल जजों (जूनियर डिवीजन) को पहली पदस्थापना दी गई है। इन सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को 29 अगस्त तक अपनी पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर में विशेष अदालत की जिम्मेदारी
रायपुर के प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज शर्मा को एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत रायपुर की विशेष अदालत का विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं अंबिकापुर में कमलेश जगदल्ला को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और स्मिता रत्नावत को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन संवर्ग में भी कई अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। सतीश कुमार खाखा को प्रतापपुर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) एवं प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन, मुंगेली नियुक्त किया गया है। इसके अलावा भगवान दास पनिका को प्रतापपुर, श्वेता पटेल को छुईखदान, ईशान व्यास को दुर्ग और नीलेश जगदल्ला को राजनांदगांव पदस्थ किया गया है।
हाईकोर्ट में ओएसडी बनाए गए रवि कुमार कश्यप
दुर्ग के द्वितीय अतिरिक्त जज रवि कुमार कश्यप को प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) बनाया गया है। इसके साथ ही सिविल जज जूनियर डिवीजन संवर्ग के भी 7 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस तरह हाईकोर्ट के ताजा आदेशों से प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों की पदस्थापना और जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव हुआ है।