Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Jul, 2026 11:45 PM

जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है।
राजनांदगांव। जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। जारी आदेश के तहत पुलिस विभाग में चार थाना प्रभारियों (TI), एक उप निरीक्षक (SI) और एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) सहित कुल छह अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह फेरबदल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। विभाग का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करने से पुलिसिंग व्यवस्था अधिक मजबूत होती है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बेहतर परिणाम मिलते हैं।
कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
सूत्रों के अनुसार जिले में अपराध नियंत्रण, थानों की कार्यप्रणाली में सुधार और जनता से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा आम नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत करेंगे।

तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश
SP कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरित सभी अधिकारियों को बिना विलंब अपने नए पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। आदेश जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने नई जिम्मेदारियां संभालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर हुआ बदलाव
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के तबादले किसी भी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा होते हैं। कार्यकुशलता, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और विभागीय रणनीति को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया जाता है, ताकि पुलिसिंग व्यवस्था लगातार बेहतर बनी रहे।
जनता को बेहतर पुलिस सेवा देने पर रहेगा फोकस
इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले के कई थानों की कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग को उम्मीद है कि नई तैनाती से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, शिकायतों के शीघ्र समाधान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में और अधिक सफलता मिलेगी। साथ ही नागरिकों को तेज, पारदर्शी और बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।