धर्मेंद्र प्रधान से पहले MP से सांसद रहे इस मंत्री का मोदी कैबिनेट से हुआ था इस्तीफा, यौन उत्पीड़न के लगे थे आरोप

Edited By meena, Updated: 25 Jul, 2026 06:44 PM

before dharmendra pradhan m j akbar had resigned from the modi cabinet

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में किसी बड़े विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले वह दूसरे केंद्रीय मंत्री बने हैं...

भोपाल/नई दिल्ली : NEET पेपर लीक विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में किसी बड़े विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले वह दूसरे केंद्रीय मंत्री बने हैं। इससे पहले पूर्व विदेश राज्य मंत्री एम. जे. अकबर ने 2018 में 'मी टू' विवाद के बाद इस्तीफा दिया था।

NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलन की "पहली जीत" बताया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई की जाए। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने यह भी मांग की है कि प्रदर्शन के दौरान कथित ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो।

एम. जे. अकबर का मामला

वरिष्ठ पत्रकार रहे एम. जे. अकबर 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे और मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने। इसके बाद उन्हें 2016 में केंद्र सरकार में विदेश राज्य मंत्री बनाया गया। वर्ष 2018 में 'मी टू' अभियान के दौरान करीब 16 महिलाओं ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने 17 अक्टूबर 2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, अकबर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अदालत का रुख किया था।

राजनीतिक सफर

एमजे अकबर के राजनीतिक सफर की बात करें तो वे देश के कई जाने मामने अखबारों में संपादक रहे हैं। 1989 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने अपनी राजनीति कांग्रेस से शुरू की थी। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले वे भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसके बाद भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बनाया और उनकी एंट्री मोदी कैबिनेट में हुई। उन्हें 5 जुलाई 2016 को कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया था। लेकिन यौन शोषण के आरोपों के बाद उन्होंने 17 अक्टूबर 2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा देने के बाद कोर्ट में मामला दायर किया था।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!