Edited By Desh Raj, Updated: 22 Jul, 2026 07:04 PM

भाजपा के रसूखदार और कद्दावर विधायक संजय पाठक को लेकर बड़ा फैसला आ गया है। जज को फोन लगाने के मामले में संजय पाठक को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है
(कटनी): भाजपा के रसूखदार और कद्दावर विधायक संजय पाठक को लेकर बड़ा फैसला आ गया है। जज को फोन लगाने के मामले में संजय पाठक को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है जो विधायक के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक की बिना शर्त माफी स्वीकार करके आपराधिक अवमानना मामले में राहत दे दी है। ये फैसला संजय पाठक के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इस फैसले पर पाठक का राजनीतिक करियर टिका था।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत
दरअसल मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक को आपराधिक अवमानना मामले में बड़ी राहत देते हुए उनकी बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है।हाईकोर्ट ने बेशक संजय पाठक को राहत देने वाला फैसला सुनाया है लेकिन भविष्य में इस तरह के किसी भी तरह के कामों से बचने की कड़ी चेतावनी भी साथ में दी है।
अवैध खनन से जुड़ा विधाराधीन मामला था
ये मामला उस समय चर्चा में आया था, जब अवैध खनन से जुड़े एक विचाराधीन प्रकरण के दौरान विधायक पर संबंधित जस्टिस से फोन पर संपर्क करने का प्रयास करने का आरोप लगा था। इस मामले के सामने पूरे प्रदेश में भाजपा इसको लेकर निशाने पर आई थी और विधायक संजय पाठक की भी मुश्किल बढ़ गई थी। हालांकि हाई कोर्ट ने पूरे घटनाक्रम सारी दलीलों और पाठक की बिना शर्त माफी को ध्यान में रखते हुए ये अहम निर्णय सुनाया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली पीठ ने 9 पन्नों के फैसले में विधायक पाठक की बिना शर्त माफी को स्वीकार करके उनको बड़ी राहत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मामलों में आगे कभी भी ऐसा न करने की कड़ी नसीहत भी दी है।
आपको बता दें कि संजय पाठक का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने रखा था और कहा था कि संबंधित न्यायाधीश को फोन अनजाने में लग गया था। रिकॉर्ड में केवल मिस्ड कॉल और एक संदेश का उल्लेख है। लिहाजा अब भाजपा विधायक के लिए राहत भऱा फैसला आया है।