Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Jul, 2026 08:38 PM

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है।
दुर्ग/रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी विभाग में किसी अधिकारी या कर्मचारी की गलती के आधार पर सीधे मंत्री से इस्तीफा मांगना न तो उचित है और न ही लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप।गजेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी मंत्रालय के अंतर्गत हजारों अधिकारी और कर्मचारी कार्य करते हैं। यदि उनमें से कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है या लापरवाही बरतता है, तो उसकी जवाबदेही तय होना चाहिए, लेकिन केवल उसी आधार पर मंत्री को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी मंत्री अपने विभाग में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं चाहता।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की वकालत
शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि कहीं पेपर लीक जैसी घटना सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि जांच पूरी होने से पहले मंत्री को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज की सराहना
गजेंद्र यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधारों को आगे बढ़ाया है। विशेष रूप से नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन को उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव बताया। उनके अनुसार, नई नीति ने शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है।
'इस्तीफा वापस लेकर सुधारों को आगे बढ़ाएं'
गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस लेकर शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
बयान से तेज हुई सियासी बहस
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर गजेंद्र यादव की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब सभी की नजर इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।