Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Jul, 2026 12:21 PM

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है।
धार। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस बीच मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा दावा किया है, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान काफी पहले ही अपना इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उस समय उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था।धार जिले के अमझेरा में मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों को लेकर जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे देश की राजनीति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने वाला। उन्होंने कहा कि भारत जैसा विशाल देश छोटे-छोटे आंदोलनों से प्रभावित नहीं होता।
विपक्ष को सिर्फ राजनीतिक ऑक्सीजन मिली
कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से यदि किसी को लाभ हुआ है तो वह विपक्ष है, जिसे कुछ समय के लिए राजनीतिक मुद्दा मिल गया। उनके अनुसार केंद्र सरकार के फैसलों और आगे की रणनीति ने कुछ ही दिनों में विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस्तीफे को लेकर किया बड़ा खुलासा
मंत्री विजयवर्गीय ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान पहले से ही पद छोड़ने के इच्छुक थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें तत्काल इस्तीफा देने की अनुमति नहीं दी थी। बाद में संगठन के निर्णय के अनुरूप उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान लगातार इस्तीफे की मांग उठाई जा रही थी, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी स्तर पर लिया गया।
रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण
अपने धार दौरे के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में नवनिर्मित टांडा रोड रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंदौर–छोटा उदयपुर रेल परियोजना के तहत विकसित यह स्टेशन क्षेत्र के विकास और लोगों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।