बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं! दिग्गज विधायक ने सार्वजनिक मंच से खोला बड़ा मोर्चा, अपनी ही सरकार के मंत्री पर साधा निशाना

Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Jul, 2026 04:44 PM

bjp mla targets own minister over delayed road project

विश्नोई ने कहा कि शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का पूरा दबाव पाटन मार्ग पर आ गया है

जबलपुर। मध्य प्रदेश की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह की कार्यशैली पर सार्वजनिक तौर पर सवाल खड़े कर दिए। जबलपुर-पाटन मार्ग की बदहाल स्थिति और लगातार हो रहे हादसों को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी टिप्पणी करते हुए सड़क निर्माण में हो रही देरी के लिए सीधे तौर पर विभागीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

विश्नोई ने कहा कि शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का पूरा दबाव पाटन मार्ग पर आ गया है, जबकि यह सड़क भारी ट्रैफिक के लिए बनाई ही नहीं गई थी। लगातार गुजर रहे भारी वाहनों ने सड़क की हालत बेहद खराब कर दी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि डायवर्ट ट्रैफिक के कारण एक और जान चली गई, जो प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर संकेत है।

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बीजेपी विधायक का कहना है कि जबलपुर-पाटन सड़क को चौड़ीकरण और मजबूती देने की योजना पहले ही बजट में शामिल की जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण को मंजूरी नहीं मिल पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परियोजना PWD मंत्री राकेश सिंह की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है, जिसके चलते फाइल आगे नहीं बढ़ रही।

इसी मुद्दे को लेकर अजय विश्नोई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उन्हें पत्र भी सौंपा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जबलपुर-पाटन और पाटन-मानकेड़ी सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए तत्काल निर्माण प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

दरअसल, जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पर शहपुरा के पास स्थित रेलवे ओवरब्रिज तकनीकी कारणों से क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है। इसके बाद से पाटन मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया है, जिससे सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और हादसों की आशंका भी बढ़ी है।

राजनीतिक दृष्टि से यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अजय विश्नोई पहले भी सरकार के भीतर रहते हुए विभिन्न मुद्दों पर बेबाक राय रखते रहे हैं। इस बार उन्होंने सीधे विभागीय मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर सरकार के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक PWD मंत्री राकेश सिंह की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस मुद्दे पर क्या निर्णय लिया जाता है और सड़क निर्माण को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है।

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