Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Jul, 2026 04:04 PM

मध्य प्रदेश का दतिया विधानसभा उपचुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं।
दतिया। मध्य प्रदेश का दतिया विधानसभा उपचुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। इस बीच कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद नाराज बताए जा रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। उनके अगले कदम को लेकर भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों में हलचल तेज है। शुक्रवार सुबह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मुकेश नायक अचानक अवधेश नायक के निवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई। बैठक के विषय में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी, लेकिन इस मुलाकात ने दतिया के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व अवधेश नायक को पार्टी के साथ बनाए रखने के लिए लगातार संवाद कर रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा भी उन्हें अपने पाले में लाने की संभावनाओं को टटोल रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता और मंत्री भी पहले उनसे मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि इन बैठकों को लेकर किसी भी दल ने सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
इन तमाम अटकलों के बीच अवधेश नायक ने अभी तक अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने केवल इतना कहा कि वे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से चर्चा करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेंगे।
दतिया उपचुनाव के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में अवधेश नायक का फैसला दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि वे किसी एक पक्ष के साथ खुलकर आते हैं, तो चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल उनकी अगली घोषणा का इंतजार राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता भी कर रही है।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि अवधेश नायक कांग्रेस के साथ बने रहते हैं या फिर कोई नया राजनीतिक रास्ता चुनते हैं। फिलहाल इतना तय है कि दतिया उपचुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा उनके अगले कदम के इर्द-गिर्द ही घूम रही है..