Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Jul, 2026 05:56 PM

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी नेतृत्व अंतिम दौर की चर्चा में जुटा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली और भोपाल स्तर पर हुई बैठकों के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है, जिसमें सबसे प्रमुख नाम राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस जल्द ही अपने अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है।सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस चुनाव में स्थानीय राजनीतिक समीकरण, संगठनात्मक मजबूती और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की तैयारी में है। इसी कारण टिकट को लेकर लगातार मंथन जारी है।
दो और दावेदार भी दौड़ में
कांग्रेस की संभावित सूची में शोभा भारती के अलावा अवधेश नायक और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। अवधेश नायक वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी रहे थे, लेकिन बाद में पार्टी ने उनका टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को मैदान में उतार दिया था। इसके बावजूद उन्होंने संगठन के साथ रहकर चुनाव प्रचार किया, जिससे उनकी दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है। वहीं, घनश्याम सिंह को जिले की राजनीति का अनुभवी चेहरा माना जाता है।
राजेंद्र भारती की सदस्यता क्यों हुई समाप्त?
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। हालांकि, अप्रैल में नई दिल्ली की एक अदालत ने एक पुराने प्रकरण में उन्हें तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके बाद दतिया सीट रिक्त घोषित कर दी गई।
सपा-बसपा की सक्रियता से बदले समीकरण
उधर, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी दतिया उपचुनाव को लेकर सक्रिय नजर आ रही हैं। यदि दोनों दल मजबूत प्रत्याशी उतारते हैं तो मुकाबला केवल कांग्रेस और भाजपा तक सीमित नहीं रहेगा। ऐसे में चुनावी समीकरण बहुकोणीय होने की संभावना भी बढ़ गई है।
प्रशासन ने भी शुरू की तैयारियां
राजनीतिक सरगर्मियों के बीच जिला प्रशासन ने भी संभावित उपचुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचकर स्ट्रांग रूम, मतगणना स्थल और निर्वाचन सामग्री वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और मतदान से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। दतिया में उपचुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, लेकिन राजनीतिक दलों की रणनीति और प्रशासनिक तैयारियों ने साफ कर दिया है कि चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है। अब सबसे बड़ी नजर कांग्रेस के प्रत्याशी चयन और भाजपा की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।