Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Jul, 2026 08:06 PM

मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल दतिया में उपचुनाव का शंखनाद हो चुका है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल दतिया में उपचुनाव का शंखनाद हो चुका है। निर्वाचन आयोग ने मतदान की तारीख 30 जुलाई तय की है, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। चुनावी कार्यक्रम घोषित होते ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें अब इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिक गई हैं।दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सहकारी बैंक से जुड़े लगभग 28 वर्ष पुराने धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर के मामले में उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-8 के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई और सीट रिक्त घोषित कर दी गई।
अब उपचुनाव की घोषणा के साथ ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। सबसे अधिक चर्चा भाजपा के संभावित उम्मीदवार को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि पार्टी एक बार फिर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भरोसा जता सकती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने करीब 7,700 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। यह हार प्रदेश की राजनीति की सबसे बड़ी चर्चाओं में रही थी, क्योंकि मिश्रा लंबे समय तक दतिया का प्रतिनिधित्व करने के साथ राज्य सरकार में प्रभावशाली मंत्री भी रहे हैं।
हालांकि भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन यदि पार्टी नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतारती है तो दतिया का उपचुनाव प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित और कांटे की राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो सकता है। दूसरी ओर कांग्रेस भी इस सीट को बचाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
दतिया का यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा की परीक्षा माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा तथा चुनावी अभियान पर टिकी हुई हैं।