Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Jun, 2026 08:51 PM

भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है।
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत आज करीब 7 लाख कार्यकर्ता संगठन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा देंगे। पार्टी का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की वैचारिक समझ, संगठनात्मक जानकारी और तकनीकी दक्षता का मूल्यांकन भी करना है। इस अभियान में 65 हजार से अधिक बूथ समितियों के कार्यकर्ता और मंडल स्तर के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी शामिल होंगे। प्रशिक्षण पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
विचारधारा से लेकर मोदी सरकार की योजनाओं तक होगी परीक्षा
डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के तहत कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठन के इतिहास और विकास यात्रा, शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली तथा केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संगठन ऐप पर ऑनलाइन टेस्ट आयोजित किया जाएगा, जिसके जरिए कार्यकर्ताओं की समझ और तैयारी का आकलन होगा।
जिला अध्यक्षों को भेजा गया एक्शन प्लान
पार्टी नेतृत्व ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिला अध्यक्षों को विस्तृत एक्शन प्लान भेज दिया है। शक्ति केंद्र प्रभारियों और मंडल कार्यकारिणी के सदस्यों को प्रत्येक बूथ तक पहुंचने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि हर कार्यकर्ता अपने स्मार्टफोन पर संगठन ऐप का उपयोग करना सीख सके और प्रशिक्षण में शामिल हो।
23 जून से शुरू, 6 जुलाई को होगा समापन
यह विशेष प्रशिक्षण अभियान 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि से शुरू हुआ था और 6 जुलाई 2026 को उनकी जयंती के अवसर पर संपन्न होगा। कुल 14 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के दौरान पहले जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जबकि अब अंतिम चरण में डिजिटल मूल्यांकन कराया जा रहा है।
संगठन को तकनीक से मजबूत करने की तैयारी
भाजपा का मानना है कि डिजिटल प्रशिक्षण से संगठन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, कार्यकर्ताओं की तकनीकी समझ मजबूत होगी और वे सरकार की योजनाओं के साथ-साथ संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचा सकेंगे। पार्टी इसे भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों के अनुरूप कार्यकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मान रही है।