मध्यप्रदेश के अगले मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं तेज, इस IAS अधिकारी का नाम सबसे आगे

Edited By meena, Updated: 19 Jun, 2026 02:38 PM

speculation intensifies regarding madhya pradesh s next chief secretary this ia

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन का दूसरा कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में अब प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें एक बार फिर सेवा विस्तार

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन का दूसरा कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में अब प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें एक बार फिर सेवा विस्तार मिलेगा या फिर राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा। अंतिम फैसला केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच समन्वय से होगा।

मुख्य सचिव पद की दौड़ में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम सामने हैं। इनमें डॉ. राजेश राजौरा, मनोज गोविल, अशोक वर्णवाल, मनु श्रीवास्तव, पंकज अग्रवाल, वी.एल. कांथाराव, नीलम शमी राव, संजय दुबे और नीरज मंडलोई शामिल हैं। इनमें मनोज गोविल, वी.एल. कांथाराव और नीलम शमी राव वर्तमान में केंद्र सरकार में पदस्थ हैं।

वरिष्ठता के आधार पर 1990 बैच के डॉ. राजेश राजौरा सबसे आगे हैं। उनके बाद 1991 बैच के मनोज गोविल, अशोक वर्णवाल और मनु श्रीवास्तव का नंबर आता है। हालांकि इनमें से अधिकांश अधिकारी वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि मनोज गोविल का कार्यकाल 2029 तक है।

सेवा विस्तार की स्थिति भी बन सकती है

यदि डॉ. राजौरा, अशोक वर्णवाल, मनु श्रीवास्तव या केसी गुप्ता को मुख्य सचिव बनाया जाता है तो सरकार को जल्द ही फिर सेवा विस्तार पर विचार करना पड़ सकता है। वजह यह है कि इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति अगले एक-दो वर्षों में ही होनी है। ऐसे में सरकार बार-बार मुख्य सचिव बदलने की स्थिति से बचना चाहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई का नाम भी चर्चा में है, लेकिन उनकी नियुक्ति की स्थिति में उनसे वरिष्ठ कई अधिकारियों को मंत्रालय से बाहर करना पड़ सकता है। इसलिए यह विकल्प फिलहाल कम संभावित माना जा रहा है।

पंकज अग्रवाल का पलड़ा भारी

मुख्य सचिव पद के लिए 1992 बैच के आईएएस पंकज अग्रवाल का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। वर्तमान में वे केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय में सचिव हैं। उनके पक्ष में दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं। पहला, वे मालवा क्षेत्र से आते हैं, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी क्षेत्र है। दूसरा, उनकी सेवानिवृत्ति 2029 के अंत में प्रस्तावित है। ऐसे में यदि उन्हें मुख्य सचिव बनाया जाता है तो सरकार को निकट भविष्य में सेवा विस्तार या नए मुख्य सचिव की तलाश जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सिंहस्थ और विधानसभा चुनाव भी अहम कारक

वर्ष 2028 में सिंहस्थ महापर्व और उसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए सरकार ऐसे अधिकारी को मुख्य सचिव बनाना चाहती है जो लंबे समय तक पद पर रहकर प्रशासनिक तैयारी और समन्वय सुनिश्चित कर सके। माना जा रहा है कि सरकार सिंहस्थ और चुनाव से पहले नेतृत्व परिवर्तन की जटिलताओं से बचना चाहेगी।

अनुराग जैन को मिल सकती है दिल्ली में नई जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, यदि अनुराग जैन को तीसरा सेवा विस्तार नहीं मिलता है तो केंद्र सरकार उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का उपयोग दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण पद पर कर सकती है। जैन पहले भी केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि उन्हें सितंबर 2024 में मध्यप्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। पहला कार्यकाल पूरा होने से पहले उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। अब उनकी आगे की भूमिका को लेकर फैसला आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!