मोदी कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज, राष्ट्रपति मुर्मू से मिले शाह, MP के इस दिग्गज को मिल सकती है जगह

Edited By meena, Updated: 25 Jun, 2026 02:21 PM

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच हुई है। राष्ट्रपति भवन ने सोशल...

डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच हुई है। राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बैठक की तस्वीर साझा करते हुए कहा, "केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।" केंद्रीय मंत्रीमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मध्य प्रदेश और पंजाब में भी हलचल तेज हो गई है। अटकलें है कि हाल ही में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने तरुण चुघ को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की थी। इन बैठकों को संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार की चर्चाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पंजाब से कद्दावर नेता व मध्य प्रदेश राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह का भी राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें उच्च सदन के लिए दोबारा नामित नहीं किया गया है। उनके कैबिनेट से बाहर जाने की संभावना है। वह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं। वह अगस्त 2024 में राजस्थान से उच्च सदन के लिए चुने गए थे। अटकलें है कि रवनीत बिट्टू पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसे में तरुण चुघ को उनकी जगह दी जा सकती है। हालांकि तरुण चुघ को बिट्टू वाला ही मंत्रालय मिलेगा, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

इसके साथ ही हाल में केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। वह अल्पसंख्यक तथा मत्स्य, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री थे। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए पुनः उम्मीदवार नहीं बनाया और उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया। वहीं  कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को और बल मिला है।

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