Edited By meena, Updated: 16 Jun, 2026 09:15 PM

मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े बदलावों की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर चुनावी रणनीति और संगठनात्मक चूक को लेकर जवाबदेही...
भोपाल : मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े बदलावों की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर चुनावी रणनीति और संगठनात्मक चूक को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है। माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव में हुए नुकसान के बाद प्रदेश संगठन में सर्जरी की तैयारी है और इसकी शुरुआत प्रदेश प्रभारी के स्तर से हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की भूमिका को लेकर कांग्रेस हाईकमान गंभीर समीक्षा कर रहा है। राज्यसभा चुनाव के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि पार्टी अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत लगाए, लेकिन नामांकन प्रक्रिया में हुई चूक कांग्रेस को भारी पड़ गई। पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को संगठनात्मक विफलता के रूप में देख रही है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट मिलने के बाद संगठनात्मक बदलावों पर फैसला लिया जा सकता है। कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर प्रदेश प्रभारियों को बदला जाना कोई नई बात नहीं है।
हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के खिलाफ फिलहाल किसी बड़ी कार्रवाई की संभावना कम मानी जा रही है। पार्टी के भीतर यह धारणा है कि दोनों नेताओं ने अपनी जिम्मेदारियां निभाने का प्रयास किया और परिस्थितियां पूरी तरह उनके नियंत्रण में नहीं थीं।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की भूमिका को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा हो सकती है। उनके समर्थकों का कहना है कि दिग्विजय सिंह हमेशा संगठनात्मक अनुशासन और सतर्कता के पक्षधर रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रयोग या सौदेबाजी का समर्थन नहीं करते।
गौरतलब है कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी ने तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इस दौरान दिग्विजय सिंह मामले की जानकारी दे रहे थे, तभी प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि इस विषय पर बाद में चर्चा की जाएगी। इसके बाद दिग्विजय सिंह नाराज होकर प्रेस वार्ता से निकल गए थे। बाद में हरीश चौधरी उनके निवास पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को लेकर माफी मांगी। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम पर टिकी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।