Edited By meena, Updated: 10 Jun, 2026 06:03 PM

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के तबादलों को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके लिए विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन...
भोपाल : मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के तबादलों को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके लिए विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। नए आदेशों के मुताबिक, अब कोई भी पंचायत सचिव अपने गृहग्राम या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही जिस पंचायत में पंचायत सचिव के रिश्तेदार सरपंच या उप सरपंच बन जाएंगे वहां से भी सचिव का तबदला किसी दूसरी जगह कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि पंचायत सचिव की नियुक्ति ऐसी जगह होगी यहां न तो उसके सरंपच उपसरपंच रिश्तेदार हो और अपने ससुराल और गृहग्राम में भी वह काम नहीं कर पाएगा। यह आदेश प्रदेश के सभी पंचायत सचिवों पर लागू होगा। बता दें कि इस वक्त प्रदेश में 23 हजार से ज्यादा पंचायत सचिव हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सख्त आदेश जारी करते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द तय समय सीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराई जाए। यह आदेश 9 जून को जारी किए गए हैं और तबादलों के लिए 15 जून तक का समय अधिकारियों को दिया गया है।
नए निर्देशों के मुताबिक स्थानांतरण आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किए जाएंगे। अब प्रदेश भर में जिलों के भीतर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किए जा सकेंगे। खास बात यह कि स्थानांतरण प्रस्ताव में जिला कलेक्टर और प्रभारी मंत्री की स्वीकृति होना जरूरी है। यह प्रक्रिया एक जून से ही मान्य की जाएगी।