Edited By Desh Raj, Updated: 29 Jul, 2026 08:27 PM

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। खबर पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े को लेकर है। पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े समेत 8 आरोपी बरी कर दिए गए हैं। दरअसल इंदौर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने वर्ष 2020 में आगर-मालवा के बड़ौद थाने में...
(इंदौर): मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। खबर पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े को लेकर है। पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े समेत 8 आरोपी बरी कर दिए गए हैं। दरअसल इंदौर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने वर्ष 2020 में आगर-मालवा के बड़ौद थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों को धमकाने के मामले में यह फैसला दिया है। पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े सहित आठ आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
साल 2020 का है मामला
आपको बता दें कि ये मामला 23 नवंबर 2020 का है जब तत्कालीन थाना प्रभारी ने बड़ौद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि विपिन वानखेड़े अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली। लिहाजा अब इस मामले में विपिन वानखेड़े सहित 8 आरोपियों को बरी किया गया है।
कोर्ट ने क्या कहा ?
अदालत ने विपिन वानखेड़े को संदेह का लाभ दिया। कहा कि किसी जनप्रतिनिधि या नागरिक का पुलिस अधिकारी से किसी मुद्दे पर मौखिक बहस करना मात्र इस आधार पर अपराध नहीं बन जाता। यदि शासकीय कार्य में बाधा डालने या लोक सेवक पर हमला करने का आरोप लगाया जाता है, तो यह साबित करना आवश्यक है। अदालत ने पुलिस जांच और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। फिलहाल वर्तमान इंदौर जिला अध्यक्ष के लिए ये राहत भरी खबर है।