Edited By meena, Updated: 28 Jul, 2026 06:47 PM

मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम प्रचार अभियान समाप्त हो गया। मतदान 30 जुलाई को होगा...
दतिया : मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम प्रचार अभियान समाप्त हो गया। मतदान 30 जुलाई को होगा जबकि मतगणना के बाद परिणाम तीन अगस्त को घोषित किए जाएंगे। प्रचार के अंतिम दौर में सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इधर प्रशासन ने मतदान को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली है। मतदान से 48 घंटे पहले सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मतदान के लिए जिले में कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 233 केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। शहरी क्षेत्र में 91 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। जिन पर ड्रोन और सीसीटीवी से पैनी नजर रखी जाएगी।
चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रोड शो कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी के समर्थन में मतदान की अपील की। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने छोटी-छोटी सभाएं कर सत्तारूढ़ दल पर धनबल के इस्तेमाल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने मंगलवार को प्रचार के अंतिम दिन जन आशीर्वाद रैली निकाली और जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगा। दतिया सीट पर भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी चुनाव मैदान में हैं और वह मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में दतिया के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी हाल ही में रैली कर यादव के पक्ष में प्रचार किया था।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था। हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। हालांकि बाद में भारती को जमानत मिल गई।
भाजपा ने इस उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया। इस बीच, राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बयान में बताया कि मतदान के लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोग ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर भी सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।