Edited By meena, Updated: 17 Jul, 2026 07:46 PM

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा प्रदेश की सियासी केंद्र बिंदू बन गई है। दतिया उपचुनाव को लेकर प्रदेश के दोनों ही बड़े दल अपनी अपनी ताकत झोंक रहे हैं...
दतिया : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा प्रदेश की सियासी केंद्र बिंदू बन गई है। दतिया उपचुनाव को लेकर प्रदेश के दोनों ही बड़े दल अपनी अपनी ताकत झोंक रहे हैं। इसी बीच यह मुकाबला और रोचक हो गया है। इस उपचुनाव के सियासी रण में किन्नर समाज की एंट्री हो चुकी है। MP की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी रह चुकी अब दतिया चुनाव लड़ेगी। जी हां भोपाल की महामंडलेश्वर संजना सिंह उर्फ संजना नंद गिरि ने नामांकन दाखिल कर दिया है और चुनाव प्रचार में जुट गई हैं।
संजना मध्यप्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी रहीं है। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग में सेवाएं देने के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन और राज्य निर्वाचन आयोग की स्टेट आइकॉन के रूप में भी काम किया। लेकिन लगभग दो साल पहले उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वे किन्नर अखाड़े से जुड़ीं और महामंडलेश्वर की उपाधि हासिल की।
इस संत वेष में अब उन्होंने दतिया के रण में कदम रखा है। वे दतिया की गलियों में प्रचार करती नजर आ रही है। उनका लोगों को सीधा संदेश हैं कि मेरा न कोई परिवार है, न कोई वारिस बनेगा। इसलिए न मुझे बंगला चाहिए, न ठेका। मैं सिर्फ समाज की सेवा करना चाहती हूं। उन्होंने दावा किया कि दतिया में उनके लिए प्रचार करने देश के अलग अलग हिस्सों से किन्नर समुदाय और विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत पहुंचेंगे। संजना का कहना है कि किन्नर समाज को अब तक सिर्फ वोट बैंक समझा गया, लेकिन नीति बनाने की टेबल पर जगह नहीं मिली। वे समाज की इसी सोच को बदलने के लिए दतिया से चुनाव लड़ रही है।