Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Aug, 2026 01:42 PM

राजस्थान के जैसलमेर में सड़क हादसे के दौरान शहीद हुए इंदौर के वीर सपूत मेजर हमजा आरिफ को रविवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
इंदौर। (सचिन बहरानी): राजस्थान के जैसलमेर में सड़क हादसे के दौरान शहीद हुए इंदौर के वीर सपूत मेजर हमजा आरिफ को रविवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। भारतीय सेना ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर अपने जांबाज अधिकारी को अंतिम सलामी दी।
रविवार सुबह मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर सबसे पहले महू सैन्य छावनी लाया गया, जहां सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर इंदौर के सैफी नगर स्थित सैफी मस्जिद पहुंचाया गया, जहां जनाजे की नमाज अदा की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जनाजे की नमाज के बाद भारतीय सेना के विशेष वाहन में शहीद मेजर हमजा आरिफ की अंतिम यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सैफी नगर से शुरू होकर माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा, राजबाड़ा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए इमली बाजार कब्रिस्तान पहुंची। अंतिम यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया।
इमली बाजार कब्रिस्तान में भारतीय सेना के जवानों ने मातमी धुन के बीच गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मेजर हमजा आरिफ को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मेजर हमजा आरिफ की अंतिम विदाई के दौरान पूरे शहर में शोक का माहौल रहा। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी शहादत को नमन किया। देश की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।