मरने के बाद कइयों को जिंदगी दे गए इंदौर के गौरव,गार्ड ऑफ़ आनर के साथ दी गई अंतिम विदाई, परिवार सहित पूरा शहर रोया

Edited By Desh Raj, Updated: 27 Jul, 2026 07:11 PM

indore s pride gave the gift of life to many after his death

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो दिल के दुखाने के साथ ही काफी भावुक करने वाला भी है। दरअसल इंदौर के खजूरी बाजार में रहने वाले सतीश दवे और कविता दवे के 25 वर्षीय बेटे गौरव को ब्रेन हेमरेज के बाद रविवार रात ब्रेन डेड...

इंदौर (सचिन बहरानी): प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो दिल के दुखाने के साथ ही काफी भावुक करने वाला भी है। दरअसल इंदौर के खजूरी बाजार में रहने वाले सतीश दवे और कविता दवे के 25 वर्षीय बेटे गौरव को ब्रेन हेमरेज के बाद रविवार रात ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। जवान बेटे को खोने के दर्द के बीच ही दवे परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिसने कई लोगों की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी। परिवार की सहमति से गौरव का हार्ट, लिवर, किडनियां और आंखें दान की गई हैं। इस फैसले की काफी सराहना हो रही है।

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इंदौर में बनाया गया 68वां ग्रीन कॉरिडोर

 

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इसके लिए सोमवार को इंदौर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। गौरव फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर का काम करते थे वे एक्टर भी बनना चाहते थे। अंगदान की प्रक्रिया में मुस्कान पारमार्थिक ट्रस्ट सेवादार द्वारा संपन्न कराई गई। आर्य ने बताया कि डॉक्टरों ने परिवार को ब्रेन डेथ और अंगदान के बारे में समझाया। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की गई। सोमवार सुबह गौरव का लिवर राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती 42 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। हार्ट ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अहमदाबाद स्थित यूएन मेहता हॉस्पिटल भेजा गया, जहां 28 वर्षीय युवक को इसे लगाया गया। उनकी दोनों किडनियां चोइथराम हॉस्पिटल में भर्ती 22 और 52 वर्ष की दो महिला मरीजों को प्रत्यारोपित की गई जबकि आंखें शंकरा आई बैंक के माध्यम से दान की गईं।

अस्पताल की सभी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद गौरव की शव यात्रा निकली,जिसमे बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए,शमशान घाट में धार्मिक रीती रिवाज को पूरा करने के बाद गौरव को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के बाद अंतिम विदाई दी गई। इसके बाद गौरव पंच तत्व में विलीन हुए। गौरव के निधन के बाद उनके परिवार ने जो निर्णय लिया है, इससे कई लोगों को नया जीवनदान मिला है और समाज में एक नई मिसाल भी पेश की है

गौरव का 13 जुलाई से चल रहा था इलाज

गौरव दवे को 13 जुलाई को ब्रेन हेमरेज हुआ था,  उन्हें राजश्री अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए काफी प्रयास किए गए लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। मेडिकल बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया के बाद गौरव को ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया।इसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।

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