Edited By Desh Raj, Updated: 14 Jul, 2026 06:17 PM

सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के बलहया गांव में एक माह के मासूम की मौत के बाद गहरे सदमे में आए दादा ने भगवान हनुमान की प्रतिमा खंडित कर दी। घटना से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची
सीधी (सूरज शुक्ला): सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के बलहया गांव में एक माह के मासूम की मौत के बाद गहरे सदमे में आए दादा ने भगवान हनुमान की प्रतिमा खंडित कर दी। घटना से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 298 और 299 के तहत मामला दर्ज किया है।
जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती था पोता
पुलिस के अनुसार, बलहया निवासी 56 वर्षीय रामभुवन द्विवेदी के एक माह के पोते को निमोनिया होने पर 4 जुलाई को सीधी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मासूम के जल्द स्वस्थ होने की कामना को लेकर परिवार ने गांव मे पूर्वजों के मंदिर में स्थापित भगवान बजरंगबली से मन्नत मांगी थी। परिवार का संकल्प था कि बच्चा स्वस्थ होने पर मंदिर में पूजा-अर्चना, भंडारा और भजन-कीर्तन कराया जाएगा।
पोते की मौत की खबर मिलते ही दादा ने खोया आपा, तोड़ा हनुमान प्रतिमा
इलाज के दौरान सोमवार रात करीब 8 बजे मासूम की मौत हो गई। देर रात उसका शव घर लाया गया। पोते की मौत की खबर मिलते ही दादा रामभुवन द्विवेदी गहरे सदमे में आ गए। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे वह मंदिर पहुंचे और वहां स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा को खंडित कर दिया। इसके बाद वह मंदिर परिसर के पास बैठकर रोने लगे।
प्रतिमा टूटने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल सिहावल पुलिस चौकी को सूचना दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पोते की मौत से हुए गहरे मानसिक आघात और भावनात्मक आवेश में यह कदम उठाया। सिहावल चौकी प्रभारी उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला शोक और मानसिक सदमे से जुड़ा प्रतीत होता है। फिलहाल आरोपी रामभुवन द्विवेदी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 और 299 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।