Edited By Desh Raj, Updated: 22 Jul, 2026 08:31 PM

जिले के नौगांव थाना क्षेत्र की परम कॉलोनी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार रात की है। सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर
छतरपुर(राजेश चौरसिया): जिले के नौगांव थाना क्षेत्र की परम कॉलोनी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार रात की है। सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान राकेश यादव (43) पुत्र कमल यादव के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कुलपहाड़ थाना क्षेत्र के ग्राम रावतपुरा खुर्द के निवासी थे। वर्तमान में वह परिवार के साथ नौगांव की परम कॉलोनी में रह रहे थे। राकेश यादव सीआरपीएफ में जवान थे और दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में पदस्थ थे।
जानकारी के मुताबिक राकेश यादव 12 जुलाई को अवकाश लेकर घर आए थे। 13 जुलाई को उनकी पुत्री की सगाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। उन्हें 27 जुलाई को वापस ड्यूटी के लिए रवाना होना था और 28 जुलाई को तिहाड़ जेल में जॉइनिंग करनी थी। इसी बीच मंगलवार शाम करीब 8 से 10 बजे के बीच उन्होंने घर में गमछे के सहारे पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची नौगांव पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
बताया गया है कि मृतक की पत्नी सुमन यादव रावतपुरा खुर्द ग्राम पंचायत की वर्तमान ग्राम प्रधान हैं। राकेश यादव अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।
पुलिस का कहना है कि मौके से मिले तथ्यों और परिजनों के बयान के आधार पर आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।