Edited By Himansh sharma, Updated: 20 Jul, 2026 05:59 PM

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों को लेकर बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है।
रीवा। (गोविंदा बघेल): मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों को लेकर बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है। पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से करीब दो ट्रक किताबें गायब मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से जांच टीम रीवा पहुंच गई है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाने वाली किताबों का वितरण समय पर नहीं हो पाया। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के हस्तक्षेप के बाद वितरण प्रक्रिया तेज की गई, लेकिन इसी दौरान गोदाम के रिकॉर्ड और उपलब्ध स्टॉक का मिलान करने पर करीब दो ट्रक किताबें गायब होने की जानकारी सामने आई।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि जिन किताबों को सरकारी स्कूलों तक पहुंचना था, वे कथित तौर पर बाजार में खुलेआम बिकती हुई दिखाई दे रही हैं। इससे सरकारी व्यवस्था में बड़े स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, गोदाम में कुछ ऐसी किताबें भी मिली हैं जिन्हें रिकॉर्ड में पहले ही वितरित या समाप्त दिखाया जा चुका था। आशंका है कि सिलेबस बदलने के बाद पुरानी पुस्तकों को रिकॉर्ड में समायोजित करने के लिए दोबारा गोदाम में रखा गया हो। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल इसकी जानकारी भोपाल मुख्यालय को दी, जिसके बाद पाठ्य पुस्तक निगम की विशेष जांच टीम रीवा पहुंची है। टीम स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और गोदाम की पूरी जांच कर रही है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।