Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Jul, 2026 12:47 PM

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में भाजपा संगठन की नियुक्तियों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
शहडोल। (कैलाश लालवानी): मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में भाजपा संगठन की नियुक्तियों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता और नगर परिषद बकहो के पार्षद पति सरोज यादव का दावा है कि उन्हें भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की जिला कार्यकारिणी में पहले जिला उपाध्यक्ष बनाया गया, लेकिन महज कुछ घंटों बाद जारी संशोधित सूची से उनका नाम हटा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि 5 जुलाई की रात भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की 30 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी की सूची जारी की गई थी। इस सूची में सरोज यादव का नाम तीसरे क्रम पर जिला उपाध्यक्ष के रूप में शामिल था। हालांकि, अगली सुबह संगठन ने संशोधित सूची जारी कर दी, जिसमें सरोज यादव का नाम पूरी तरह हटा दिया गया। खास बात यह रही कि बाकी सभी नाम यथावत रहे और सूची 30 की बजाय 29 पदाधिकारियों की कर दी गई।
सरोज यादव ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने वार्ड में एक ठेकेदार नेता द्वारा कराए जा रहे कथित घटिया निर्माण कार्य का विरोध किया था। साथ ही, एक प्रभावशाली नेता से जुड़े बिजली पोल के मामले में भी आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि इन्हीं मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण उन्हें संगठनात्मक पद से हटाया गया।
फिलहाल भाजपा संगठन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, सरोज यादव के आरोपों ने जिले की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाता है।