Edited By Desh Raj, Updated: 05 Jul, 2026 12:03 AM

जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। एक बयान को लेकर जीतू फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं।
(भोपाल): जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। एक बयान को लेकर जीतू फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। दरअसल मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अपनी ही बयानबाजी में बुरी तरह उलझ गए हैं। उज्जैन की कथित 500 करोड़ की जमीन को लेकर की गई बयानबाजी पर अब उनको दिक्कत हो सकती है। मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी पर आरोप लगाना पटवारी को भारी पड़ गया है। अब श्रीराम तिवारी की ओर से जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता ने जीतू पटवारी के आरोपों को पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं। हरीश मेहता ने कहा कि भ्रम फैलाने के लिए 'वीर भारत न्यास' को एक निजी ट्रस्ट बताया गया लेकिन यह राज्य सरकार द्वारा गठित एक सार्वजनिक और सरकारी संस्था है।
एडवोकेट हरीश मेहता ने कहा कि बिना किसी सबूत के आधार पर लगाए गए इन आरोपों से मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक छवि को गहरी ठेस पहुंची है। अब पटवारी को 5 करोड़ का नोटिस देकर आरोप वापस लेने और माफी मांगने को कहा गया है। अगर पटवारी ऐसा नहीं करते हैं तो मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
नोटिस में साफ है कि अगर जीतू निश्चित समय में सार्वजनिक रुप से अपने आरोप वापस नहीं लेते हैं, माफी नहीं मांगते हैं तो सक्षम न्यायालय में यह दावा और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई करेंगे। लिहाजा कांग्रेस प्रदेश के लिए दिक्कत वाला काम हो सकाता है।
क्या कहा था जीतू ने?
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने करीब 500 करोड़ कीमत की सरकारी जमीन को मात्र एक रुपए में वीर भारत न्यास के सचिव और सीएम के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी से जुड़े एक ट्रस्ट को आवंटित कर दी थी। इसी को लेकर अब जीतू को ये नोटिस भेजा गया है।