MP कांग्रेस में सियासी घमासान! नोटिस पर भड़की महिला नेता, बोली- दिग्विजय, सज्जन और आरिफ मसूद को नोटिस क्यों नहीं?

Edited By Vandana Khosla, Updated: 04 Jul, 2026 12:13 PM

political turmoil within the mp congress a female leader is furious over a noti

भोपालः मध्यप्रदेश कांग्रेस में नेताओं के बीच सियासी घमासान मचा हुई है। जी हां यहां कांग्रेस महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका करार को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिस पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला है।...

भोपालः मध्यप्रदेश कांग्रेस में नेताओं के बीच सियासी घमासान मचा हुई है। जी हां यहां कांग्रेस महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका करार को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिस पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला है। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी के साथ ही राहुल गांधी को भी कहा कि ‘सच बोलो, डरो मत’, तो क्या अब कांग्रेस में सच बोलने वालों को नोटिस रूपी सजा दी जाएगी?”

कांग्रेस महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका करार ने नोटिस मिलने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा- “मैं पार्टी की ईमानदार कार्यकर्ता हूं और पार्टी के सौदेबाज नेताओं के खिलाफ हमेशा बोलती रहूंगी। मेरे नेता राहुल गांधी जी ने कहा है कि ‘सच बोलो, डरो मत’, तो क्या अब कांग्रेस में सच बोलने वालों को नोटिस रूपी सजा दी जाएगी?” प्रियंका ने सवाल उठाया कि आखिर कार्रवाई की गाज सिर्फ महिलाओं पर ही क्यों गिरती है? अगर नियम सबके लिए समान हैं, तो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ बोलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी नोटिस जारी किया जाए। वहीं, आगे कहा कि दिग्विजय सिंह के खिलाफ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विधायक आरिफ मसूद ने खुलकर बयानबाजी की है। ऐसे में इन बड़े नेताओं को नोटिस क्यों नहीं दिया गया?

प्रियंका ने आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष ने पार्टी गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है। वह टीवी डिबेट में शामिल हुए, ऐसे में उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि "जो नेता पार्टी में रहकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, बीजेपी से साठगांठ कर रहे हैं और जिलों में गुटबाजी फैला रहे हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है।" उन्होंने साफ किया कि वह इस नोटिस का जवाब तथ्यों के साथ देंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उठापटक से आने वाले दिनों में संगठन के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी कलह और ज्यादा गहरा सकती है।


 

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