एक फेसबुक पोस्ट... और कांग्रेस में मच गया बवाल, पार्टी ने नेता को थमाया कारण बताओ नोटिस

Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Jul, 2026 11:40 AM

social media post triggers congress action

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC) के संभावित बदलाव को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच संगठन ने अनुशासन को लेकर सख्त संदेश दिया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC) के संभावित बदलाव को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच संगठन ने अनुशासन को लेकर सख्त संदेश दिया है। सोशल मीडिया पर वरिष्ठ नेता उमेश पटेल के समर्थन में सार्वजनिक पोस्ट साझा करने के मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।जानकारी के अनुसार, दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की बैठकों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। इसी दौरान अरुण मालाकार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए उमेश पटेल के नेतृत्व का समर्थन किया और उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने की बात लिखी। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बन गई।

संगठन ने माना अनुशासन का उल्लंघनCollapse

प्रदेश कांग्रेस संगठन ने इस पोस्ट को पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया के विपरीत बताते हुए इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। संगठन का मानना है कि किसी भी पद को लेकर सार्वजनिक मंचों पर समर्थन अभियान चलाना पार्टी की परंपरा और संगठनात्मक अनुशासन के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री की ओर से अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण

जारी नोटिस में अरुण मालाकार से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो पार्टी संविधान के तहत आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

PCC अध्यक्ष को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

प्रदेश कांग्रेस में नए PCC अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चर्चाएं जारी हैं। संभावित बदलाव की अटकलों के बीच कई नेता और कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर अलग-अलग नेताओं के समर्थन में खुलकर अपनी राय रख रहे हैं। हालांकि संगठन ने इस कार्रवाई के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की है कि नेतृत्व से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक बयानबाजी या सोशल मीडिया अभियान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अरुण मालाकार को नोटिस जारी होने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि प्रदेश कांग्रेस अब संगठनात्मक अनुशासन को लेकर पहले से अधिक सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर पार्टी की निगाह और कड़ी रहने की संभावना जताई जा रही है।

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