Edited By meena, Updated: 30 Jul, 2026 06:32 PM

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग जारी है। इसी बीच कांग्रेस ने फर्जी वोटिंग के आरोप लगे हैं। जिगना पोलिंग बूथ पर कांग्रेस ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं...
दतिया : मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग जारी है। इसी बीच कांग्रेस ने फर्जी वोटिंग के आरोप लगे हैं। जिगना और सिरोल पोलिंग बूथ पर कांग्रेस ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बाहरी लोगों से फर्जी वोटिंग कराई गई है। फर्जी वोटिंग की सूचना मिलते ही वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में जमकर बवाल हुआ। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने सूचना मिलते ही पोलिंग बूथ पहुंचकर अधिकारियों से बात की और इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि कुछ महिलाओं ने बिना वैध पहचान पत्र के मतदान करने का प्रयास किया। वहीं जिगना मतदान केंद्र पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर बाहरी लोगों से फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर पूर्व गृह मंत्री एवं भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने की आशंका में निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उसकी हताशा और निराशा को दर्शाती है। मतदान के दौरान बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में ग्रामीणों ने डेढ़ किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग को लेकर 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' का नारा लगाते हुए मतदान का बहिष्कार किया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद मतदान शुरू हो सका। दोपहर बाद हुई बारिश के कारण कई मतदान केंद्रों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई। ग्राम पंचायत लरायटा के बूथ क्रमांक 88 और 89 तथा सिविल लाइन रोड स्थित बूथ क्रमांक 92, 93 और 94 पर मतदाताओं को बारिश और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई और लोग छतरियां लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि दतिया में पूरी सरकार चुनाव लड़ रही है, लेकिन जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर रही है और पाटर्ी 25 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करेगी। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले मां पीतांबरा के दर्शन कर विजय का आशीर्वाद लिया और दावा किया कि जनता भाजपा के विकास कार्यों पर विश्वास जता रही है। मतदान के दौरान प्रशासन ने जिले की सीमाओं पर सघन वाहन जांच अभियान भी चलाया। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे तथा 16 सुरक्षा कंपनियों के 1422 जवान पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए गए। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और मतपेटियों तथा ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें तीन अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।