Edited By Vandana Khosla, Updated: 03 Jul, 2026 12:24 PM

एमपी डेस्कः मध्यप्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। प्रदेश कांग्रेस के तीन नेताओं पर गाज गिरने की स्थिती बनी हुई है। दरअसल, राज्य में कांग्रेस के तीन दिवसीय मौन सत्याग्रह की कुछ नेताओं ने धज्जियां उड़ाई है। सीधे शब्दों में बात करें तो पार्टी के...
एमपी डेस्कः मध्यप्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। प्रदेश कांग्रेस के तीन नेताओं पर गाज गिरने की स्थिती बनी हुई है। दरअसल, राज्य में कांग्रेस के तीन दिवसीय मौन सत्याग्रह की कुछ नेताओं ने धज्जियां उड़ाई है। सीधे शब्दों में बात करें तो पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन किया। जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी समेत कई पार्टी नेता टीवी डिबेट में शामिल हुए। मामले की शिकायतों पर प्रदेश नेतृत्व ने भी नाराजगी जताई है। संगठन की तरफ से नोटिस जारी करने की बात कही गई है।
दरअसल, बुधवार को प्रदेश संगठन प्रभारी महासचिव डॉ संजय कामले ने मौन सत्याग्रह के संबंध में निर्देश जारी किए थे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के आदेश पर निर्देश दिए गए कि सत्याग्रह अवधि में अधिकृत पत्रकार वार्ताओं को छोड़कर, एमपी कांग्रेस का कोई भी नेता टीवी डिबेट में भाग नहीं लेगा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को कोई व्यक्तिगत आधिकारिक वक्तव्य नहीं देगा। लेकिन बावजूद इसके भोपाल में मोनू सक्सेना और इंदौर में राजेश यादव ने पार्टी के अनुशासन को तोड़ा। विदिशा में तो गुरुवार को जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी टीवी डिबेट में शामिल हुए। इस पर पार्टी में खासा बवाल मच गया।
वहीं, कांग्रेस की महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रियंका किरार ने विदिशा जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी के टीवी डिबेट में शामिल होने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने पूछा है कि क्या पार्टी जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करेगी। प्रदेश संगठन ने अनुशासनहीनता की शिकायत को गंभीरता से लिया। इस पर नोटिस देने की भी बात कही हालांकि देर रात तक किसी भी नेता के खिलाफ कोई नोटिस जारी नहीं हुआ। ऐसे में पार्टी के अंदर नेताओं के बीच नाराजगी देखने को मिली है।