Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Jul, 2026 02:39 PM

मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
डिंडोरी। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर ज़हर खाने वाले एक नाबालिग मरीज के उपचार के दौरान गैस्ट्रिक ट्यूब के माध्यम से सामान्य मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, डिंडोरी शहर के सिविल लाइन क्षेत्र निवासी एक नाबालिग ने कथित रूप से चूहा मारने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया था। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इसी दौरान उपचार की प्रक्रिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें गैस्ट्रिक ट्यूब के जरिए मिनरल वाटर की बोतल का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडे ने स्वीकार किया कि मरीज के पेट की सफाई के लिए सामान्य पानी का उपयोग किया गया था, जबकि यह प्रक्रिया निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप नहीं मानी जाती। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अरुण यादव ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर कांग्रेस ने भी प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि,"डिंडोरी के सरकारी अस्पताल में पानी की बोतल से ड्रिप चढ़ रही है। यही है भाजपा के डबल इंजन का 'स्वास्थ्य मॉडल'। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं और सरकार अपने प्रचार में मस्त है। प्रदेश की जनता इलाज नहीं, बदहाली झेल रही है।
अरुण यादव के इस बयान के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। विपक्ष ने इसे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
डिंडोरी जिला अस्पताल पहले भी स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था, संसाधनों की कमी और लापरवाही के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। ताजा मामला सामने आने के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई प्रक्रिया चिकित्सा मानकों के अनुरूप थी या नहीं, और यदि नहीं थी तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।