MP में कलेक्टर का बड़ा एक्शन! एक साथ चार पटवारी निलंबित, लगे गंभीर आरोप; विभाग में मचा हड़कंप

Edited By Vandana Khosla, Updated: 04 Jul, 2026 12:58 PM

major action by the collector in mp four patwaris suspended

भोपालः मध्यप्रदेश में गेहूं पंजीयन में फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर चार पटवारियों को निलंबित कर दिया गया। इसी के साथ ही बड़े फर्जीवाड़े में शामिल राजस्व विभाग के चार कम्प्यूटर ऑपरेटरों को बर्खास्त किया है। इसके...

भोपालः मध्यप्रदेश में गेहूं पंजीयन में फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर चार पटवारियों को निलंबित कर दिया गया। इसी के साथ ही बड़े फर्जीवाड़े में शामिल राजस्व विभाग के चार कम्प्यूटर ऑपरेटरों को बर्खास्त किया है। इसके अलावा चार तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया हैं। मामले में कुल आठ समिति प्रबंधकों और कंम्प्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। फर्जी पंजीयन के आधार पर खरीदी गई गेहूं और आर्थिक नुकसान का आकंलन किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, एमपी में गेहूं पंजीयन में बड़े फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने भू-अभिलेखों में हेराफेरी कर अपात्रों और यहां तक कि भगवान के नाम पर दर्ज जमीनों पर फर्जी तरीके से गेहूं का पंजीयन कराकर लाखों का घोटाला किया था। कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच के बाद प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही और मिलीभगत सामने आई। जिस के बाद कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर हल्का पटवारी करनवास, पूरनखेड़ी, कचनारिया और माल्याहेड़ी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मामले में चार तहसीलदारों की लापरवाही पर प्रशासन ने ब्यावरा सुभाष आलावे, राजगढ़ के तहसीलदार अनिल शर्मा, खुजनेर के तहसीलदार नित्यानंद पांडे और सुठालिया के तत्कालीन तहसीलदार दोजीराम अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही समिति प्रबंधक ओमप्रकाश रजावत, कम्प्यूटर ऑपरेटर अरविंद यादव और तत्कालीन तहसीलदार सुठालिया दोजीराम अहिरवार को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए उन्हें भी नोटिस थमाया गया है।

राजस्व और सहकारिता विभाग में हड़कंप मचाते हुए प्रशासन ने आठ अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस थानों में एफआइआर दर्ज कराई है। कलेक्टर के निर्देश पर फर्जीवाड़े में संलिप्त चार कम्प्यूटर ऑपरेटरों को तत्काल सेवा से पृथक कर दिया गया है। किसान पंजीयन नीति का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है।

 

 

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