Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Jul, 2026 02:21 PM

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नगर पंचायतों और स्थानीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति के दौरान वर्षों से पार्टी के लिए सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। सत्ता और संगठन में तालमेल की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी के भीतर शनिवार को उस समय असहज स्थिति बन गई, जब जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। नगर पंचायत खोंगापानी में आयोजित बैठक के बाहर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए संगठन की कार्यशैली और हालिया नियुक्तियों पर गंभीर सवाल उठाए।
बताया जा रहा है कि सम्मेलन में जिले के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम चल ही रहा था कि कुछ कार्यकर्ता बैठक स्थल के बाहर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में पहुंच गए, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नगर पंचायतों और स्थानीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति के दौरान वर्षों से पार्टी के लिए सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि संगठन के निर्णय पारदर्शी तरीके से लेने के बजाय सीमित लोगों की पसंद के आधार पर किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने में लंबे समय से योगदान देने वाले कई लोगों को दरकिनार कर नए चेहरों को प्राथमिकता दी गई। उनका दावा है कि यदि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो इसका असर संगठन की मजबूती और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस विरोध को भाजपा के भीतर उभर रहे असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह संभालता है और कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।