Edited By Desh Raj, Updated: 31 Jul, 2026 07:38 PM

इंदौर के धनवंतरी नगर में रहने वाले भारतीय सेना के मेजर हमजा आरिफ की राजस्थान के जैसलमेर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। महज एक महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधे मेजर हमजा अब तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटेंगे।
इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर के धनवंतरी नगर में रहने वाले भारतीय सेना के मेजर हमजा आरिफ की राजस्थान के जैसलमेर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। महज एक महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधे मेजर हमजा अब तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटेंगे। हादसे में सेना के दो लेफ्टिनेंट भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज आर्मी अस्पताल में जारी है। घटना से पूरे इंदौर में शोक की लहर है। शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक मधु वर्मा और पार्षद प्रशांत बडवे मेजर के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना देते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
दरअसल मेजर हमजा आरिफ मूल रूप से इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र के धनवंतरी नगर के निवासी थे। उन्होंने वर्ष 2016 में इंदौर के चमेली देवी कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 2017 में भारतीय सेना में शामिल होने का लक्ष्य तय किया और परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में अधिकारी बने। अपनी काबिलियत और उत्कृष्ट सेवा के दम पर मात्र 9 वर्षों में तीन पदोन्नति हासिल करते हुए वह मेजर के पद तक पहुंचे और वर्तमान में राजस्थान के जैसलमेर में पदस्थ थे।
गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे जैसलमेर शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर आर्मी एरिया में सेना की टाटा सफारी अचानक एक ऊंट से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी गाड़ी चार से पांच बार पलट गई। हादसे के समय वाहन चला रहे मेजर हमजा आरिफ गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौर भी घायल हुए। तीनों को तत्काल आर्मी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मेजर हमजा को मृत घोषित कर दिया। वही दोनों घायल अधिकारियों का उपचार जारी है।
.इस हादसे ने इसलिए भी सभी को झकझोर दिया क्योंकि मेजर हमजा की शादी महज एक महीने पहले ही उनकी इंजीनियर साथी से हुई थी। परिवार ने दिसंबर में उनके घर आने पर एक भव्य रिसेप्शन की तैयारी कर रखी थी, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद हादसा हो गया।
वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक मधु वर्मा और पार्षद प्रशांत बडवे मेजर के निवास पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस घटना को लेकर पार्षद और परिजनों के अनुसार मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर शनिवार को इंदौर लाया जाएगा। इसके बाद भारतीय सेना की परंपराओं और बोहरा समाज की धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। फिलहाल हादसे की जांच सेना और स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।