Edited By Desh Raj, Updated: 28 Jul, 2026 06:13 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर में कई दिनों से वाल्मीकि समाज की वाल्मिकी सेना रीगल चौराहे पर भूख हड़ताल और अनशन पर बैठी है। वाल्मीकि सेना ने सरकार से 11 मांगें रखी है। जिसमें कुछ मांगों पर सहमति बनी है
इंदौर ( सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के इंदौर में कई दिनों से वाल्मीकि समाज की वाल्मिकी सेना रीगल चौराहे पर भूख हड़ताल और अनशन पर बैठी है। वाल्मीकि सेना ने सरकार से 11 मांगें रखी है। जिसमें कुछ मांगों पर सहमति बनी है लेकिन इसके बाद वो आज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का घर ज्ञापन देने जा रहे थे। लेकिन इसी दौरान पुलिस ने बेरिकेटस लगाकर रोक दिया। इससे मौके पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई क्योंकि कुछ कार्यकर्ता बेरिकेट हटाने की कोशिश करने लगे। इस पर पुलिस ने उनको रोक दिया, जिससे वो समझाइश के बाद मान गए।
आपको बता दें वाल्मीकि समाज के नगर निगम के कर्मचारी परमानेंट करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही आउट सोर्स कम्पनी को हटाना की भी उनकी मांग है। कुल 11 मांगे उन्होंने सरकार के सामने रखी हैं, जिसको लेकर रीगल चौराहे पर धरना देकर भूख हड़ताल की जा रही है। इसी बीच एमआईसी सदस्य नंदू पहाड़िया आज धरना स्थल पर पहुंचे थे और सबसे बात की थी, वही बातचीत के दोरान कुछ मांगों पर सहमति बन गई बाकि मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
इसी बीच कांग्रेस आप पार्टी और करणी सेना भी इनकी मांगों का समर्थन किया है। समाज के लोगों ने इनके नेतृत्व में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर जा कर ज्ञापन देने और अपनी बात रखने की बात कही । सभी पैदल मार्च कर हाथ में तख्तियां लेकर निकले थे, इसी बीच पुलिस ने बेरिकेट लगा कर सभी को आगे जाने से रोक दिया। मौके पर मौजूद कुछ कार्यकर्ताओ ने बैरीकेट हटाकर जाने की कोशिश की, पर पुलिस की सख्ती के कारण नहीं जा पाए और उन्होंने समझाइश दी गई । इससे कार्यकर्ता मौके पर ही धरने पर बैठ गए, पुलिस अधिकारियों ने कहा मंत्री घर पर नहीं हैं,इसलिए वहां नहीं जा सकते हैं। लिहाजा काफी हो हल्ले के बीच माहौल शांत किया किया।