Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Jul, 2026 12:43 PM

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भरे मंच से महापौर पुष्यमित्र भार्गव को सार्वजनिक रूप से संबोधित करते हुए उनकी अनुपस्थिति पर टिप्पणी कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में हुई यह टिप्पणी अब शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने मंच से कहा, महापौर जी, आपसे निवेदन कर रहा हूं। कल की बैठक में आप नहीं थे। आजकल बहुत व्यस्त चल रहे हो। हमारी बैठकों में नहीं आ रहे हो। उस समय महापौर पुष्यमित्र भार्गव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास बैठे उनसे बातचीत कर रहे थे। जैसे ही मंत्री की यह टिप्पणी मंच पर गूंजी, महापौर कुछ क्षणों के लिए असहज दिखाई दिए।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे महज एक सार्वजनिक टिप्पणी मान रहे हैं, जबकि कुछ राजनीतिक जानकार इसे भाजपा के स्थानीय नेतृत्व के भीतर बदलते समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महापौर पुष्यमित्र भार्गव की बढ़ती नजदीकियों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा होती रही है। ऐसे में विजयवर्गीय की मंच से की गई टिप्पणी ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि भाजपा की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्री की टिप्पणी केवल बैठकों में अनुपस्थिति को लेकर थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी छिपा था। लेकिन इतना तय है कि इंदौर की राजनीति में इस एक बयान ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं..