दतिया चुनाव में उमा भारती की एंट्री! नरोत्तम मिश्रा को लेकर कही ऐसी बात, बदल गए सियासी मायने

Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Jul, 2026 02:50 PM

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उमा भारती ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को यह कहते हुए सुना कि वे आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे।

दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा में होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच अब पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की प्रतिक्रिया ने इस पूरे घटनाक्रम को नया राजनीतिक संदेश दे दिया है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जहां सियासी चर्चाओं का दौर तेज था, वहीं उमा भारती के बयान को पार्टी में संगठन और अनुशासन के पक्ष में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

उमा भारती ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को यह कहते हुए सुना कि वे आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे। उमा भारती ने इसे लोकतांत्रिक राजनीति और संगठनात्मक मर्यादा का आदर्श उदाहरण बताते हुए कहा कि यह डॉ. मिश्रा के बड़े दिल और परिपक्व नेतृत्व को दर्शाता है।

उन्होंने लिखा कि, मैं नरोत्तम मिश्रा जी का बहुत सम्मान एवं स्नेह रखती हूं। मैं उनसे जो कहना चाहती थी, वह उन्होंने स्वयं अपने आचरण से कह दिया। आशुतोष जी के नामांकन में उनकी मौजूदगी नरोत्तम जी का बड़प्पन है।

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उमा भारती ने अपने संदेश में यह भी बताया कि वह इन दिनों वृंदावन में हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने उन्हें फोन कर चुनाव में जीत का आशीर्वाद मांगा था, जिस पर उन्होंने पूरे मन से उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे समय में, जब दतिया उपचुनाव को भाजपा की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है, उमा भारती का यह सार्वजनिक संदेश संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करने वाला माना जाएगा। वहीं डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा प्रत्याशी के समर्थन में आगे आने की घोषणा भी कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश देने वाली मानी जा रही है।

दतिया उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा के संगठनात्मक अनुशासन, नेतृत्व की स्वीकार्यता और कार्यकर्ताओं की एकजुटता की भी परीक्षा बनता जा रहा है। ऐसे में उमा भारती का यह बयान चुनावी माहौल में नई राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

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