नरोत्तम मिश्रा टिकट विवाद के बाद दतिया में बड़ा एक्शन, प्रशासन ने लागू की धारा-163

Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Jul, 2026 12:45 PM

datia bypoll section 163 imposed after narottam ticket row

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

दतिया (नवल यादव): मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।प्रशासन के आदेश के अनुसार अब बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, रैली या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा लाठी, तलवार, फरसा, भाला, चाकू सहित अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी रोक लगा दी गई है।

प्रशासन ने सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, भाषण और नारों के माध्यम से ऐसी किसी भी सामग्री के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध लगाया है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। बिना अनुमति लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।

दरअसल, 10 जुलाई की रात पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान झांसी-ग्वालियर हाईवे पर लंबा चक्का जाम लगा था। प्रशासन के अनुसार इस दौरान करीब 15 से 20 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई थी, जबकि कुछ स्थानों पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है, ताकि उपचुनाव के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आदर्श आचार संहिता, मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम तथा ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। हालांकि यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, सीआरपीएफ, केंद्रीय सुरक्षा बलों और ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।

कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिले में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।

दतिया उपचुनाव के बीच लागू हुई धारा-163 के बाद जिले की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर है। अब देखना होगा कि नई पाबंदियों के बीच राजनीतिक दल और उनके कार्यकर्ता चुनाव प्रचार की रणनीति किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

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