Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Jul, 2026 06:40 PM

मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई
शाजापुर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई, जब क्षेत्रीय भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में अपनी विधानसभा की सड़कों को लेकर भावनात्मक घोषणा कर दी। विधायक ने कहा कि यदि उनके क्षेत्र की लंबित सड़कों का निर्माण और स्वीकृति नहीं मिली, तो वे जूते-चप्पल पहनना छोड़ देंगे।
अपने संबोधन में विधायक चंद्रवंशी ने विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न विकास आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए 48 सड़कों के उन्नयन, 16 नई सड़कों की स्वीकृति, नए राजस्व भवन के निर्माण तथा अरनियाकला में आर्ट एंड साइंस कॉलेज शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सड़कें क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत हैं और यदि इन पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो वे जूते-चप्पल का त्याग कर देंगे।
विधायक की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत मंच से प्रतिक्रिया देते हुए माहौल को सहज बनाया। उन्होंने कहा कि विधायक को ऐसा संकल्प लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि 16 नहीं, 17 सड़कें दी जाएंगी। जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है। ये हमारे पैरों की सुरक्षा और आगे बढ़ने के लिए होते हैं। अपनी बात रखते समय शब्दों का भी ध्यान रखना चाहिए। सरकार विकास कार्यों के लिए पूरी तरह आपके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने विधायक का मांग-पत्र अपने पास रखते हुए भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसी कार्यक्रम में उन्होंने करीब 29 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।
उधर, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। युवक कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने से पहले ही रोक दिया गया। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को भी कालापीपल पहुंचने से पहले पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया।
कालापीपल के मंच से सामने आया यह घटनाक्रम अब प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है। विधायक की भावनात्मक घोषणा और मुख्यमंत्री की तत्काल प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम को खासा सुर्खियों में ला दिया।