Edited By meena, Updated: 03 Jun, 2026 03:02 PM

2012 बैच की IAS ऑफिसर निधि निवेदिता की पहली पहली पोस्टिंग झाबुआ में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर के रुप में हुई। उनकी पहचान मध्य प्रदेश के तेज तर्रार अफसरों के रुप में होती है...
डेस्क : 2012 बैच की IAS ऑफिसर निधि निवेदिता की पहली पहली पोस्टिंग झाबुआ में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर के रुप में हुई। उनकी पहचान मध्य प्रदेश के तेज तर्रार अफसरों के रुप में होती है। वह इंदौर की एडिशनल कलेक्टर भी रहीं। निधि निवेदिता ने कमलनाथ सरकार में भाजपा नेता को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया था। हालांकि सरकार ने उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया, लेकिन जैसे ही सिंधिया के पार्टी बदलने से राज्य में शिवराज सिंह चौहान की सरकार बनीं तो शिवराज के सीएम बनने के कुछ घंटे बाद ही निधि निवेदिता को पद से हटा दिया था।
निधि निवेदिता के कुछ चर्चित किस्से
आईएएस निधि निवेदिता अपने तेज तर्रार स्वभाव के लिए जानी जाती है। जब वह सिंगरौली जिले की जिला पंचायत CEO थीं, तब शौचालय बनवाने में घौटाला करने वाले पंचायत सचिव से उन्होंने उठक-बैठक करवा दी थी। इसके बाद वे एक बार फिर सुर्खियों में आई जब राजगढ़ में जरूरतमंद लड़की को खुद ब्लड डोनेट करने पहुंच गई थी। आईएएस निधि सबसे ज्यादा सुर्खियां भाजपा नेता को थप्पड़ जड़कर बटोरी थी। जब 2020 में पूरे देश में CAA को लेकर प्रदर्शन चल रहा था, तब वह राजगढ़ में कलेक्टर के पद पर तैनात थी। सीएए के विरोध में बीजेपी ब्यावरा में प्रदर्शन कर रही थी। इस दौरान कुछ धक्का-मुक्की हुई और कलेक्टर निधि ने एक नेता को थप्पड़ जड़ दिया था। हालांकि कमलनाथ की सरकार में इस केस में कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था ऐसे में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने कुछ घंटे बाद ही निधि निवेदिता को पद से हटा दिया।
इस घटना के बाद निधि निवेदिता की तैनाती अहम जगहों पर नहीं हुई है। निधि निवेदिता अब तक महिला, वित्त एवं विकास निगम की एमडी रही है। अब उन्हें प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ और उपसचिव, मछुआ कल्याण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।