बड़ी खबर : MP कांग्रेस विधायको की बाड़ा बंदी! पार्टी ने बनाया ये बड़ा प्लान, राज्यसभा संग्राम हुआ तेज

Edited By Vandana Khosla, Updated: 09 Jun, 2026 12:56 PM

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भोपालः मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है। पार्टी के एक विधायक ने मंगलवार को...

भोपालः मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है। पार्टी के एक विधायक ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि भाजपा उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि भाजपा के लोग 'नोटों से भरी थैली' लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया। सिंघार ने दावा किया कि 18 तारीख को मतदान के दिन भाजपा का सारा 'षड्यंत्र' विफल होगा।

सौंसर विधायक विजय रेवानाथ चौरे ने कहा कि सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे हैं। उन्होंने भी दावा किया कि भाजपा खरीद फरोख्त के प्रयास कर रही है इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने विधायकों को एक साथ किसी कांग्रेस शासित राज्य में रखने का फैसला किया है। राज्य में खाली हुई जिन तीन सीटों पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत तय मानी जा रही है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है। लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पेचीदा बना दिया है।

भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है। कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला केवट से होना निश्चित है। चुघ और अग्रवाल ने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि नटराजन और केवट ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इससे पहले, सोमवार देर रात सिंघार के आवास पर पार्टी नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक शामिल हुए। पार्टी का एक विधायक बैठक में शामिल नहीं हुआ क्योंकि वह दिल्ली में था, जबकि वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आनलाइन माध्यम से इसमें हिस्सा लिया। 

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