Edited By Vandana Khosla, Updated: 10 Jun, 2026 09:47 AM

भोपालः मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की एकमात्र प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन-पत्र निरस्त किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी बीच प्रदेश सरकार...
भोपालः मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की एकमात्र प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन-पत्र निरस्त किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी बीच प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा खुलासा किया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा है कि मीनाक्षी नटराजन की जानकारी कांग्रेस से ही लीक हुई है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बात करते हुए कहा- 'हमें जो कागज मिले वो कहां से मिले, किसने दिए? और इसलिए कांग्रेस की स्थिति आप समझ सकते हैं। हमारे पास तेलंगाना से कागज आ रहा है, तेलंगाना में सरकार इनकी है और तेलंगाना से हमारे पास कागज आ रहा है। हमें कांग्रेस के लोगों ने ही जानकारी दी होगी, हमारे पास तो कोई जानकारी थी नहीं।' वहीं, आगे कहा कि ' अगर चुनाव हो जाते तो भी हम जीतते, कांग्रेस की ये स्थिति है कि भले ही ये बेंगलोर ले जाएं या लंदन ले जाएं, चुनाव हम जीतते क्योंकि सभी देश की जनता को मोदी जी पर विश्वास है।'
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपराधिक प्रकरण की जानकारी छुपाने के लिए उसे जनता से माफी मांगनी चाहिए। डॉ. यादव ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में अपना बयान देते हुए कहा कि चुनाव में प्रत्याशी को शपथ पत्र के साथ अपने विरुद्ध लंबित मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होता है, लेकिन कांग्रेस ने कथित रूप से अपने प्रत्याशी से संबंधित जानकारी छुपाई। उन्होंने कहा कि इसी कारण नामांकन पत्रों की जांच के दौरान रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पहले से अपनी हार का अंदेशा था और इसी कारण वह विभिन्न राजनीतिक हथकंडे अपना रही थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि निर्धारित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। उनका कहना था कि यदि आवश्यक जानकारी के बिना नामांकन स्वीकार कर लिया जाता, तो निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा निर्वाचन में नामांकन निरस्त होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट के निर्वाचित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।