Edited By meena, Updated: 23 Jun, 2026 08:35 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में मानसून सत्र के बाद होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परफॉर्मेंस आधारित...
भोपाल : मध्य प्रदेश की राजनीति में मानसून सत्र के बाद होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परफॉर्मेंस आधारित बदलाव के संकेत देने के बाद सत्ता और संगठन के गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल में कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कई नए और अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालिया विभागीय समीक्षा और विवादों के आधार पर कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है।
वरिष्ठ मंत्री विजय शाह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद वे लगातार विपक्ष, संगठन और न्यायिक स्तर पर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मंत्री पद पर स्थिति को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा दिलीप अहिरवार, प्रतिमा बागरी और राधा सिंह के विभागीय कामकाज को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है।
विजयवर्गीय पर होगा फैसला
राजनीतिक गलियारों में कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी या किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जा सकता है। वहीं प्रहलाद पटेल और तुलसीराम सिलावट के विभागों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
गोपाल भार्गव की हो सकती है एंट्री
क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव की मंत्रिमंडल में वापसी की चर्चाएं भी तेज हैं। वहीं महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए रीति पाठक, मालिनी गौड़ और अर्चना चिटनीस के नाम चर्चा में हैं। नए चेहरों में प्रदीप लारिया और बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी संभावित दावेदार माना जा रहा है।
हालांकि, अभी तक सरकार या भाजपा संगठन की ओर से किसी भी संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन मानसून सत्र के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।