Edited By Vandana Khosla, Updated: 29 Jun, 2026 02:37 PM

CG desk: छत्तीसगढ़ राज्य में इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिलासपुर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। दरअसल, युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव होने है। इसके चलते कई युवा नेताओं को मौका मिल सकता है। जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की भी...
CG desk: छत्तीसगढ़ राज्य में इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिलासपुर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। दरअसल, युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव होने है। इसके चलते कई युवा नेताओं को मौका मिल सकता है। जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की भी खास दिलचस्पी देखने को मिल रही है। इसके लिए कई उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है। वहीं, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री के गुट ने जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी छोड़ी है। बता दें कि MLA देवेंद्र यादव से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, महेंद्र गंगोत्री के करीबी और एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। साथ ही गंगोत्री गुट के कई उम्मीदवारों ने भी जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी से दूरी बना ली है। सूत्रों की मानें तो करीब दो दिन पहले भिलाई विधायक देवेंद्र यादव से हुई मुलाकात के बाद गंगोत्री समर्थित पैनल ने यह फैसला लिया है। वहीं, अब मुकाबला वर्तमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी समर्थित उम्मीदवारों के बीच सिमटता नजर आ रहा है। तीनों गुट अपने-अपने समर्थकों को संगठित करने में जुट गए हैं।
युवा कांग्रेस चुनाव में इस बार आर्थिक पक्ष भी कई संभावित उम्मीदवारों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। माना जा रहा है कि कई कांग्रेसी युवा नेताओं ने आर्थिक कारणों से चुनाव लड़ने का विचार छोड़ दिया है। वहीं, संगठन ने नामांकन प्रक्रिया के लिए समय बढ़ाते हुए अब अंतिम तिथि 5 जुलाई निर्धारित कर दी है, जिससे चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं।