Edited By meena, Updated: 17 Jul, 2026 06:40 PM

मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह सामने आई है। यहां अपनी ही पार्टी से नाराज कांग्रेस विधायक ने जीतू पटवारी को नसीहत देते हुए पार्टी छोड़ने की बात कही है। इतना ही नहीं कांग्रेस विधायक...
भोपाल : मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह सामने आई है। यहां अपनी ही पार्टी से नाराज कांग्रेस विधायक ने जीतू पटवारी को नसीहत देते हुए पार्टी छोड़ने की बात कही है। इतना ही नहीं कांग्रेस विधायक के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भोपाल में कुछ ऐसे लोग बैठे हैं जो सरकार नहीं बनाने देना चाहते। जी हां मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इस बार आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार 'बापू' ने अपनी ही पार्टी के संगठन और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है।
विधायक ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा से नाराज होकर कांग्रेस की ओर उम्मीद से देख रही है, लेकिन भोपाल में बैठे कुछ कांग्रेस नेता ही पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ नेता तो भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं भेरूसिंह परिहार ने साफ संकेत दिए कि यदि हालात नहीं बदले तो वे अपने समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे और जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़ने पर भी विचार करेंगे।
पूरा मामला नलखेड़ा में आयोजित कांग्रेस की एक संगठनात्मक बैठक से जुड़ा है। जिसमें विधायक भेरूसिंह परिहार को नहीं बुलाया गया। उनका आरोप है कि विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक और नगर कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, लेकिन उन्हें इसकी कोई सूचना तक नहीं दी गई। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के पोस्टर और प्रचार सामग्री से भी उनका नाम और तस्वीर गायब रखी गई।
विधायक ने कहा कि जब उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह से फोन पर भोजन और स्वागत व्यवस्था की बात की। तो सामने से जवाब मिला कि "विधायक से बात नहीं करना है।" परिहार ने इसे जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कहा कि यदि संगठन अपने ही विधायक को नजरअंदाज करेगा तो पार्टी कैसे मजबूत होगी।
भेरूसिंह परिहार ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले लोगों को संगठन में महत्व दिया जा रहा है, जबकि पार्टी के निर्वाचित विधायक को ही अलग-थलग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल भैया आगर से फौज भरकर लाए। जिन लोगों ने 2023 के विधानसभा चुनावों मे गद्दारी की। उन्होंने मीडिया के जरिए राहुल भैया पर सवाल उठाए कि वे कांग्रेस को मजबूत करने आए हैं या कांग्रेस को तोड़ने आए हैं। वे इतने सीनियर लीडर हैं। पूरी वस्तुस्थिति से वाकिफ हैं फिर वे स्वयं ही कह रहे हैं कि मुझे विधायक की जरूरत नहीं। मैं विधायक से बात नहीं करूंगा। फिर उनको राहुल गांधी या जीतू पटवारी किसने ये अधिकार दिया कि विधायक को साइड करके विधानसभा में ब्लॉक कार्यकारिणी की मीटिंग करें। उन्होंने कहा कि ऐसे ही चलता रहा तो वे कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर करके पार्टी छोड़ने की सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।